Nov 28 2022 / 8:36 PM

सरदार पटेल की जयंती पर बोले पीएम मोदी- जम्मू कश्मीर पर हमारा फैसला जमीन पर लकीर खींचने के लिये नहीं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की 144वीं जयंती के मौके पर गुरुवार को गुजरात के केवड़िया में स्टेच्यू ऑफ यूनिटी पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने राष्ट्रीय एकता के लिए शपथ भी दिलाई। प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर पर हमारा फैसला जमीन पर लकीर खींचने के लिये नहीं बल्कि विश्वास की श्रृंखला बनाने के लिये है।

वहीं, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में पटेल को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इससे पहले मोदी ने बुधवार को गांधीनगर में मां हीरा बा से मिले। मोदी सरकार ने पटेल जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने की घोषणा की थी।

मोदी ने यह भी कहा, जिस तरह किसी तीर्थस्थल आकर अनुभूति मिलती है, वैसे ही मुझे केवड़िया आकर मिलती है। देश के अलग-अलग हिस्सों से मिले लोहे और मिट्टी से स्टेच्यू ऑफ यूनिटी बनाई गई है। इसलिए यह प्रतिमा विविधता में एकता का जीता-जागता संदेश है। आज से ठीक एक साल पहले प्रतिमा को देश को समर्पित किया गया था। यह प्रतिमा भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को आकर्षित कर रही है। सरदार पटेल को श्रद्धासुमन अर्पित कर देश गौरव का अनुभव कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा, देश के अलग-अलग हिस्सों में स्त्री-पुरुष ने रन फॉर यूनिटी में हिस्सा लिया। पूरी दुनिया में अलग-अलग देश, अलग-अलग पंथ, विचारधाराएं, रंगरूप में लोग जुड़ते गए, कारवां बनता चला गया। भारत की पहचान विविधता में एकता है। यह हमारा गर्व, गौरव, गरिमा है। हमारे यहां विविधता को सेलिब्रेट किया जाता है। हमें विविधता में विरोधाभास नहीं सामर्थ्य दिखता है।

यह हमें जीने का जज्बा देता है। जब हम देश की सैकड़ों बोलियों पर गर्व करते हैं तो भाव का बंधन बन जाता है। जब भिन्न-भिन्न खान-पान को विशेषता समझते हैं तो अपनेपन की मिठास आ जाती है। अलग-अलग त्योहारों में शामिल होते हैं तो नई महक आने लगती है, भारतीयता का भाव चारों दिशाओं में फैलता है।

पूरे देश में जम्मू-कश्मीर ही एकमात्र स्थान था, जहां आतंकवाद ने 40 हजार लोगों की जान ले ली। अनेक माताएं अपने बेटों को खो चुकी हैं। अनेक बच्चे अपने माता-पिता खो चुके हैं। दशकों तक वहां अनुच्छेद 370 लागू रहा। इसने अस्थायी दीवार बना रखी थी। जो दीवार कश्मीर में अलगाववाद फैला रही थी। आज में सरदार पटेल की सामने सिर झुकाकर कहना चाहता हूं कि वह दीवार गिरा दी गई है।

सरदार साहब की जयंती पर कहना चाहता हूं कि भारत की संसद ने भारी बहुमत से 5 अगस्त को जो महान निर्णय किया था, उसे में पटेल को समर्पित करता हूं। ये हमारा सौभाग्य है कि सरदार साहब के सपने को पूरा करने का अवसर मिला। आज से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख नए मार्ग पर कदम बढ़ा रहे हैं।

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